हमारे देश में ऐसे कई छोटे किसान भाई है जो फसल के खराब या कम कीमत मिलने से होने वाले नुकसान पर आत्महत्या तक कर लेते है, हमारे किसान भाइयो के लिए यह बहुत जरूरी है की उनको अपनी फसल की सही कीमत मिले और सरकार भी उनका साथ दे। इसलिए हमारी केंद्र एवं राज्ये सरकारे निरन्तर प्रयास कर रही है की किसानो को खास कर छोटे किसानो को उनकी फसल की सही कीमत मिल सके और साथ ही उनको कई तरह की योजनाओ के जरिये समय -समय पर खेती को आगे बढ़ने क्वे लिए प्रोत्साहित करती रहे।

इसी प्रयास के चलते हमारी मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना (BBY) की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उदेश्य किसानों को बाजार मूल्य में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करना है।
क्या है भावांतर भुगतान योजना (BBY) ?
भावांतर भुगतान योजना (BBY) एक राज्य संचालित कृषि मूल्य प्रधान योजना है , जोकि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 2018 में छोटे किसानों के हित में शुरू की गयी थी, इस योजना के अंतर्गत किसानो की फसल का विक्रय मूल्य सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) से कम होने पर, राज्य सरकार द्वारा उस अंतर (भावांतर) को प्रत्यक्ष रूप से किसान के खाते में भरपाई (भुगतान) की जाती है। जिससे किसानो को कम से कम फसल की मूल राशि प्राप्त हो सके।
(BBY) योजना के मुख्य उद्देश्य
2017 में कृषि उत्पादों की गिरती कीमतों के कारण बढ़ते कृषि संकट को देखते हुए, मध्य प्रदेश सरकार (GoMP) ने किसानों की सहायता के लिए भावांतर भुगतान योजना (BBY) नामक एक अभिनव योजना शुरू की। इस योजना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उद्देश्य किसानो को बाजार मूल्यों में उतर चढ़ाव से होने वाले आर्थिक घाटे को कम करना है जिससे किसानो को अपनी फसल का बाजार में सही मूल्य ना मिलने पर वे सरकार को अपनी फसल बेच पाए। इस योजना के सभी व्यापक उद्देश्य निन्म है :
- इस योजना में सरकार किसानों को बाजार मूल्य के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देगी ।
- फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी भी देगी।
- मध्यप्रदेशी किसानों की आय में स्थिरता लाने का एक बड़ा प्रयास।
- इस योजना के तहत दलहन, तिलहन, और सब्ज़ियों को प्राथमिकता मिलेगी।
योजना के लाभ
इस (BBY) योजना के मध्यप्रदेश निवासी किसानो को कई लाभ होने वाले है जैसे :
- किसानो को बजारी मूल्य गिरावट से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
- सरकार द्वारा फसल खरीद की गारंटी से बिचौलियों पर निर्भरता में कमी आएगी।
- इस योजना के बाने से किसानों का मंडी में विश्वास बढ़ा।
- किसानो को समय पर भुगतान से नकद संकट से राहत मिलेगी।
योजना के अंतर्गत शामिल फसलें
इस योजना के अंतर्गत कुछ फसलों को शामिल किया गया है :
इस योजना के तहत शुरू में आठ फसलों तक विस्तारित किया गया था, जिनमें मुख्य रूप से तिलहन और दलहन शामिल थे, जहां सरकारी खरीद आमतौर पर चावल और गेहूं के विपरीत कम होती है। मगर अब इसका विस्तार करके इसमें 13 अतिरिक्त फसलें जोड़ दी गई हैं। इन्हें रबी और खरीफ की फसलें कहा जाता है।
- योजना के अंतर्गत शामिल फसलें – मूंग, सोयाबीन, तिल, मक्का, मूंगफली, ज्वार, गेहूं, बाजरा, कपास, उड़द, रामतिल।
- MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) वाली फसलें – धान (चावल), मूंग, तुअर, उड़द।
- योजना में शामिल 13 फसलें – मूंग, अरहर, मक्का, सोयाबीन, उड़द, गेहूं, मूंगफली, तिल, कपास, बाजरा, रामतिल, धान और ज्वार।
योजना की शुरुआत से जुड़े तत्व
- शुरुआत: 2017
- प्रथम राज्य: मध्य प्रदेश सरकार
- बाद में यह योजना अन्य राज्यों जैसे हरयाणा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि में भी अलग-अलग नामों से लागू की गई।
- केंद्र सरकार ने भी इस मॉडल को “PM-AASHA” योजना के तहत शामिल किया।
पात्रता के मानदंड (Eligibility Criteria for BBY)
भावांतर भुगतान योजना (BBY) का लाभ उठाने के लिए आपको मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित की गयी कुछ मानदंडों को पूरा करना होगा, इन सभी को यदि आप पूरा करते है तो आप भी इस योजना का लाभ उठा सकते है। यह पात्रता कुछ इस प्रकार है :
- इस योजना का लाभ केवल एक मध्यप्रदेशी किसान ही उठा सकता है क्योकि यह योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है। हालाँकि अब यह योजना बाकि अन्य राज्यों में भी लागू हो चुकी है, यदि आप किसी और राज्य के किसान है तो आप अपने राज्य में इस योजना का पता लगा सकते है की आपके राज्य में ये योजना चालू है की नहीं।
- इस योजना के लिए सिर्फ वही किसान पंजीकरण करवा सकते हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि है।
- इसका लाभ लेने के लिए किसान के पास जमीन के सभी दस्तावेज और अन्य जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।
- किसानों को इस योजना के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए अपना पंजीकरण कराना जरूरी है।
- अगर कोई लाभ प्राप्त करना चाहता है तो उसे निर्धारित समय सीमा के अंदर ही पंजीकरण करवाना जरूरी है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
यदि आप भी इस (BBY) योजना में आवेदन करना चाहते और ऊपर दिए हुए सभी मानदंडों को पूरा करते है, तो आपके पास ये सभी दस्तावेज होना जरूरी है :
- आधार कार्ड
- बैंक खाते का विवरण
- भूमि से जुड़े दस्तावेज आदि।
भावांतर भुगतान योजना (BBY) में आवेदन कैसे करे ?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना (BBY) के लिए आसानी से आवेदन या पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए आपको निचे बताये गए सभी स्टेप्स को फॉलो करना होगा और आपका आवेदन आसानी से हो जायेगा :
- भावांतर भुगतान योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपको सबसे मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट ई-उपार्जन पर जाना होगा।
- इसके बाद आपको वेबसाइट के होमपेज पर खरीफ, नवीनतम तिथि विकल्प पर क्लिक करना होगा।
- फिर आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे, जहां आपको खरीफ उपार्जन वर्ष हेतु किसान आवेदन का विकल्प चुनना होगा।
- अब आप आसानी से इसका आवेदन फ्रॉम भरकर और अपनी जानकारियों को दर्ज करके पंजीकरण कर सकते हैं।
- आप चाहें तो अपने नजदीकी जनपद पंचायत या कृषि उपज मंडी में जाकर भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
भावांतर भुगतान योजना (BBY) योजना कैसे काम करती है?
- सबसे पहले किसान अपनी फसल मंडी में बेचता है।
- इसके बाद MSP (न्यूतम विक्रय मुल्य) और विक्रय मूल्य में अंतर की गणना की जाती है।
- राज्य सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में भेजती है।
- यह राशि 15-30 दिन में किसान के कहते में आ जाती है।
उदाहरण :
यदि MSP = ₹4,000/क्विंटल और किसान को मंडी में ₹3,200/क्विंटल मिले,
तो भावांतर = ₹800/क्विंटल अगर किसान ने 10 क्विंटल बेचे,
तो सरकार ₹8,000 सीधे बैंक में भेजेगी।
अन्य राज्यों में यह योजना :
भावांतर भुगतान योजना (BBY) मध्य पप्रदेश के अलावा भी कई राज्यों में भी अलग अलग नमो से संचालित है, जिनका विवरण हमने निचे दिया है जिससे सभी किसानो को लाभ मिल सके ऐसे महत्वपूर्ण योजनाओ का:
- हरियाणा :
- हरयाणा राज्य सरकार ने इसे “भावांतर भरपाई योजना” नाम दिया है।
- यह योजना सब्ज़ियों जैसे टमाटर, आलू, प्याज़ पर लागू की गई है।
- किसानों को मंडी में गिरते दाम से राहत देने के लिए हरयाणा सरकार ने इसे लागु किया है।
- किसान इस अधिकृत वेबसाइट पर जाकर agriharyana.gov.in पंजीकरण कर सकते है।
- उत्तर प्रदेश :
- कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है अभी।
- मुख्य रूप से दलहन और तिलहन को प्राथमिकता दी गयी है।
- भविष्य में पूरे राज्य में विस्तार होगा इस योजना का।
- छत्तीसगढ़ :
- छत्तिश्गढ़ में “भावांतर योजना” का एक रूप राज्य की कृषि उपज खरीदी योजना में समाहित है।
- किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई का मुख्य उद्देश्य।
- धान और कोदो-कुटकी जैसी फसलों पर लागू।
- महाराष्ट्र :
- महाराष्ट्र राज्य सरकार ने भावांतर योजना के मॉडल को कुछ ज़िलों में अनौपचारिक रूप से अपनाया है।
- इसका योजना का नाम महाराष्ट्र राज्य में अलग हो सकता है, लेकिन सिद्धांत वही है — मूल्य अंतर की भरपाई।
- PM-AASHA के अंतर्गत कुछ जिलों में कार्यान्वयन भी है।
निष्कर्ष :
भावांतर भुगतान योजना (BBY) किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है जो उन्हें बाजार की अस्थिरता से बचाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की संपूर्ण गरिमा दिलाती है। यह योजना खेती को आर्थिक दृष्टि से मज़बूत और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आप एक मध्यप्रदेशी किसान हैं, तो इस योजना में पंजीकरण करके आप अपने परिश्रम का सही मूल्य पा सकते हैं।
क्या सभी फसलें इस योजना के अंतर्गत आती हैं?
नहीं, योजना में सरकार द्वारा तय की गई चुनिंदा फसलें (जैसे तुअर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मक्का आदि) ही शामिल होती हैं।
क्या इस योजना में केवल राज्य सरकार ही भुगतान करती है?
हाँ, यह योजना राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित होती है, लेकिन केंद्र सरकार PM-AASHA के तहत समर्थन देती है।
भुगतान कब तक मिलता है?
आमतौर पर फसल बिक्री के 15-30 कार्यदिवसों के भीतर राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है।
भावांतर भुगतान योजना कब शुरू हुई थी?
इस योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 16 अक्टूबर 2017 को की थी।
भावांतर भुगतान योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
भावांतर भुगतान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://mpeuparjan.nic.in/ है, जिसके जरिये इसका लाभ प्राप्त करने के साथ ही इससे जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
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